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By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Tue ,15 Aug 2017 12:08:20 pm |
समाचार नाऊ ब्यूरो पटना : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लोगों से 2022 तक देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, जातिवाद और संप्रदायवाद से मुक्ति दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है.
स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले सोमवार को अखंड भारत दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें 15 अगस्त, 1947 को आजादी तो मिली, लेकिन खंडित. 14 अगस्त को ही देश का बंटवारा हो गया और पाकिस्तान अलग हो गया. इसका मूल मकसद हिंदू-मुस्लिम की समस्याओं का स्थायी समाधान था, लेकिन कोई भी मकसद पूरा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जिस दिन भारत का बंटवारा हुआ उस दिन देश में हुये दंगों में करीब दस लाख लोग मारे गये.
उस दिन महात्मा गांधी दिल्ली में नहीं बल्कि कोलकाता और नोआखाली की गलियों में दंगाइयों को समझाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने इससे पहले कहा कि बंटवारा होगा तो मेरी लाश पर होगा, लेकिन अंत में उन्होंने भी द्विराष्ट्रवाद का सिद्धांत मान लिया. इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आरएसएस के रामदत्त चक्रधर, मुख्य अतिथि कृषि विभाग के मंत्री प्रेम कुमार, पथ निर्माण विभाग के मंत्री नंदकिशोर यादव, आरके सिन्हा, सूरज नंदन कुशवाहा, संजीव चौरसिया और मेयर सीता साहू ने संबोधित किया.
सभी वक्ताओं ने अखण्ड भारत की परिकल्पना की सराहना की. साथ ही इसे आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सफल होने की बात कही.
डिप्टी सीएम सह वाणिज्य कर मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद अनेक उपभोक्ता वस्तुओं पर टैक्स कम हुए हैं. व्यापारियों और निर्माताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि इसका लाभ सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए. इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. साथ ही वाणिज्य कर अधिकारियों को भी कहा कि वे इस तरह की शिकायत और गड़बड़ी करने वालों हमेशा नजर बनाये रखें.
मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कानून बनाये गये हैं. डिप्टी सीएम जीएसटी के कार्यान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा के लिए चार्टड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और जीएसटी से जुड़े सभी स्तर के प्रोफेशनल्स के साथ सूचना भवन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान जीएसटी से जुड़े तमाम समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. उन्होंने कहा कि जीएसटी के रूप में सदी का सबसे बड़ा टैक्स सिस्टम सुधार देश में लागू हुआ है. यह सिस्टम नया होने की वजह से वर्तमान में कई कठिनाइयां सामने आ रही हैं. परंतु इससे पूरे देश में टैक्स चोरी रुकेगी.
और इससे राज्यों को काफी लाभ होगा. छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए ही जहां 20 लाख तक का कारोबार करने वालों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. वहीं, 75 लाख सालाना टैक्स देने वाले व्यापारियों के लिए कंपोजिट स्कीम लायी गयी है, जिसमें उन्हें सिर्फ एक फीसदी टैक्स और तीन महीने पर रिटर्न दाखिल करना होगा.
उन्होंने कहा कि टैक्स प्रोफेशनल्स को व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने में मदद करनी चाहिए. शुरुआती दिनों में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन विभिन्न स्तरों पर प्रयास करके तमाम कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है. वाणिज्य कर विभाग की तरफ से उपभोक्ताओं को वस्तुओं पर लगे टैक्स के बारे में जागरूक करने का अभियान चलाया जायेगा
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