Breaking News

गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर, पटना में बाढ़ का खतरा बिहार में बाढ़- 4 किमी नांव की डोली बना अपनी दुल्हन लेने पहुंचा लड़का चिराग को छोड़कर गए लोगों का नहीं है कोई जनाधार- कांग्रेस सुशांत मामले को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव का बयान, राजगीर मेंं बनने वाली फिल्म सिटी का नाम हो सुश बिहार में बाढ़ से 22 जिलों की हालत बदहाल, 82 लाख लोग हुए हैं प्रभावित सुशांत सिंह मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, सीबीआई करेगी मामले की जांच नीतीश कुमार ने दिया शिक्षकों को तोहफा, पूरे बिहार में कहीं भी ले सकते हैं तबादला नीतीश सरकार ने नियोजित शिक्षकों की नई सेवा शर्त लागू कर खेला 'मास्टर स्ट्रॉक' MenstrualHygieneDay पर जागरूकता के लिए उठाए जा रहे कदम, पर कम नहीं आलोचनाओं का जोर जद (यू0)- दलित-महादलित प्रकोष्ठ की राज्य कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक गया में युवती से बलात्कार के बाद हत्या नियोजित शिक्षकों ने कहा जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं तो आंदोलन आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका का हड़ताल काफी दुखद- कृष्ण नंदन वर्मा मोतिहारी- २०१९ की चुनाव तैयारी में जुटा जिला प्रशासन रामगढ़- पतरातू डैम परिसर में अवैध पार्किंग टिकट के नाम पे वसूली


औषधि क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं

By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date:18:02:04 PM / Fri, Aug 12th, 2016 |


औषधि और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में निवेश के माहौल को व्यापक गति प्रदान करने के लिए सरकार ने ब्राउनफील्ड फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में स्वचालित मार्ग के अंतर्गत 74 प्रतिशत एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) की अनुमति प्रदान की है. 74 प्रतिशत से अधिक एफडीआई के लिए सरकार से अनुमोदन की पद्धति जारी रहेगी. इससे पहले, ब्राउनफील्ड निवेश के लिए सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने की पद्धति लागू थी. फार्मास्युटिकल क्षेत्र में ब्राउनफील्ड निवेश के लिए स्वचालित मार्ग के जरिए 2001 से शत प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है. इसी प्रकार चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण के लिए स्वचालित मार्ग के जरिए शत प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है. ग्रीनफील्ड निवेश का अर्थ है, नए संयंत्रों में निवेश, जबकि ब्राउनफील्ड निवेश का अर्थ है, मौजूदा संयंत्र में निवेश करना.

भारत का औषधि और फार्मास्युटिकल उद्योग विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उद्योग है. यह क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के सर्वाधिक विकसित और संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने से अधिक संख्या में विदेशी निवेशकों के भारत आने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्पादन में वृद्धि होगी क्योंकि विश्वभर में भारत की अच्छी प्रतिष्ठा है. प्रौद्योगिकी गुणवत्ता और विनिर्मित औषधियों की रेंज को देखते हुए फार्मास्युटिकल उद्योग की गणना आज विश्व स्तरीय उद्योगों में की जाती है. अधिक उत्पादन के लिए विनिर्माण प्रक्रिया में अधिक प्रशिक्षित कार्मिकों की आवश्यकता पड़ेगी,जिससे रोजगार के स्तर में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है.

यह क्षेत्र अपनी प्रौद्योगिकी संबंधी ताकत, आत्मनिर्भरता, उत्पादन की कम लागत, नवाचार एवं अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) की कम लागत, प्रशिक्षित एवं मौलिक वैज्ञानिक कार्मिकों और अत्याधुनिक राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के लिए जाना जाता है. इस क्षेत्र के उत्पादों के अंतर्गत सामान्य सरदर्द की गोलियों से लेकर अत्याधुनिक एंटीबायोटिक्स और जटिल हृदय रोग औषधियां तक शामिल हैं. लगभग प्रत्येक प्रकार की औषधि अब देश में बनाई जा रही है.

सरकार फार्मास्युटिकल क्षेत्र में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत सक्रिय है ताकि अर्थव्यवस्था के इस संभावनाशील और सदाबहार क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करते हुए रोजगार के अधिकाधिक अवसर पैदा किए जा सकें. ज्यादातर औषधियों और फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए औद्योगिक लाइसेंस लेने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है. विनिर्माता औषधि नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किसी भी औषधि का उत्पादन करने के लिए स्वतंत्र हैं.

उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि औषधि एवं फार्मास्युटिकल क्षेत्र ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रभावशाली स्तर हासिल किया है. फार्मास्युटिकल क्षेत्र में इक्विटी एफडीआई निवेश पिछले 5 वर्षों के दौरान 20 करोड़ अमरीकी डॉलर से 323.2 करोड़ अमरीकी डॉलर के बीच रहा है. इस उतार-चढ़ाव का कारण यह रहा है कि भारत में निवेश करने वाली विभिन्न बहु-राष्ट्रीय कंपनियों की तरलता स्थितियां और निवेश योजनाएं परिवर्तनशील रही हैं. परंतु, समग्र निवेश प्रति वर्ष 100 करोड़ अमरीकी डॉलर का रहा है.

तदनुरूप निवेश में औषधि और फार्मास्युटिकल क्षेत्र की हिस्सेदारी में वर्ष-दर-वर्ष उतार-चढ़़ाव आते रहे हैं. इसी प्रकार क्षेत्रगत प्राथमिकताओं में भी वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन होता रहा है. परंतु, पिछले 7 वर्षों में भारत के समग्र एफडीआई इक्विटी निवेश में इस क्षेत्र की औसत भागीदारी करीब 4 प्रतिशत रही है.

पेटेंट व्यवस्था की शुरुआत की बदौलत भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश परिदृश्य में बढ़ोतरी हुई है. भारत में न केवल परंपरागत अनुबंधात्मक विनिर्माण में वृद्धि हुई है, बल्कि अनुसंधान और विकास (आर एंड डी), विशेषकर क्लिनिकल ट्रायल्स और अन्य सेवाओं के संचालन में हाल के वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है. इन परिवर्तनों की परिणति निश्चित रूप से निवेश का प्रवाह बढ़ाने और आने वाले वर्षों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा होने के रूप में होगी.

औषधि एवं फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र की संभावनाओं में निरंतर वृद्धि

*भारत 2020 तक सतत वृद्धि के मामले में विश्व के 3 सबसे बड़े फार्मास्युटिकल बाजारों में से एक बन जाएगा.

*उम्मीद है कि वैश्विक फार्मास्युटिकल उद्योग में भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग की हिस्सेदारी करीब 3.1 से 3.6 प्रतिशत के बीच होगी.

*भारत विश्वभर में जेनेरिक औषधियां प्रदान करने वाला सबसे बड़ा देश है, जिसकी हिस्सेदारी जेनेरिक औषधियों के वैश्विक निर्यात में 20 प्रतिशत है.

*2020 तक भारत की राजस्व वृद्धि 45 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है.

*बुनियादी ढांचे पर खर्च 2024 तक बढ़ कर 200 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है.

*भारत के औषधि और फार्मास्युटिकल क्षेत्र का कुल निर्यात हाल के वर्षों में 15 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक होने की संभावना है.

*औषधि उद्योग में भारत विश्व का सबसे बड़ा औषधि निर्यातक है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और निर्यात के मूल्य के संदर्भ में उसका 12वां स्थान है.

*अमरीका की तुलना में भारत की उत्पादन लागत काफी कम है और यूरोप की तुलना में तो यह लगभग आधी है.

*भारत में प्रशिक्षित कार्मिकों और उच्च प्रबंधकीय एवं तकनीकी दृष्टि से योग्य कार्मिकों की पर्याप्त संख्या है.

*आने वाले वर्षों में आर्थिक स



Related News


सरकार ने जारी की NDC Plicy का मसौदा Digital world

बिजली कंपनी बीएसपीसीएल में इंजीनियरों की नियुक्ति के लिए नौ

बिहार : बियाडा में नियुक्ति के लिए पांच अप्रैल को

कैट-2017 की परीक्षा 26 नवंबर को, अच्छे स्कोर के लिए

20 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन, 26 नवंबर को होगी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इंटर पास युवकों से ऑनलाइन

दिल्ली यूनिवर्सिटी में बनें असिस्टेंट प्रोफेसर

आरपीएफ कॉन्स्टेबल के 19,952 पदों पर होगी बहाली

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवालों के एेसे दे

ITI को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब मिलेगा

भारतीय नौसेना में प्रवेश के हैं कई विकल्प

- झारखंड डाक सर्किल के 256 ग्रामीण डाकघरों में ग्रामीण

Follow Us :

All rights reserved © 2013-2026 samacharnow.com