Breaking News
By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Thu ,07 Sep 2017 06:09:35 pm |
समाचार नाऊ ब्यूरो मुंबई : मुंबई की टाडा अदालत ने 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में आज ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को मौत की सजा सुनाई तथा प्रत्यर्पित करके भारत लाए गए गैंगस्टर अबु सलेम को उम्रकैद की सजा सुनायी. अदालत ने सलेम के अलावा इस मामले के संबंध में करीमुल्लाह खान को भी उम्रकैद की सजा सुनायी. विशेष टाडा अदालत ने धमाकों के 24 साल बाद जून में इस मामले में मास्टरमाइंड मुस्तफा दोसा और सलेम समेत छह लोगों को दोषी ठहराया था. देश की वित्तीय राजधानी में हुए धमाकों में 257 लोग मारे गए थे. इस ब्लास्ट के पीछे मुख्य रूप से अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की भूमिका थी.
बहरहाल, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अब्दुल कयूम को छोड़ दिया. यह मुकदमे का दूसरा चरण था. सभी सातों आरोपी कई आरोपों का सामना कर रहे हैं जिनमें आपराधिक षडयंत्र, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना और हत्या के आरोप शामिल हैं.
अदालत ने पहले कहा था कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि सलेम मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था और उसने अभिनेता संजय दत्त को तीन एके-56 राइफल, गोला बारूद और हथ गोले दिए थे. संजय दत्त को बाद में शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था. अदालत ने पहले कहा था कि दाउद के भाई अनीस इब्राहिम और दोसा का करीबी रहा सलेम दिघी से मुंबई खुद हथियार और गोला बारद लेकर आया था.
अदालत ने कहा था, ' 'यह इस साजिश की महत्वपूर्ण बात थी ताकि भारत के निर्दोष नागरिकों को आतंकित करने और उन्हें यातनाएं देने के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकें. ' ' अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल राशिद खान, रियाज सिद्दिकी, ताहिर मर्चेंट और अब्दुल कयूम के मुकदमे मुख्य मामले से अलग चलाए गए
दोसा की इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 28 जून को मुंबई के जेजे अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी. अदालत ने कहा था कि ताहिर मर्चेंट मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था. अदालत ने कहा था कि वह (भगोड़े साजिशकर्ता) टाइगर मेमन के साथ दुबई में साजिश रचने वाली कई बैठकों में शामिल हुआ था. ताहिर ने कई सह-आरोपियों के आने-जाने का प्रबंध किया, ठहरने और यात्रा के खर्च की व्यवस्था की तथा उन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण दिलवाया.
अदालत ने 16 जून को दिए अपने फैसले में कहा था, ' 'साजिश में ताहिर की भूमिका अहम थी. वह साजिश रचने वाले लोगों में से एक था.' ' अदालत ने फिरोज की इस दलील को खारिज कर दिया कि वह फिरोज खान नहीं बल्कि 'हमजा ' था. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने इस बात को साबित किया कि वह दोसा गिरोह का अहम और ' 'विश्वस्त ' ' सदस्य था और उसने रायगढ जिले में दोसा बंधुओं द्वारा हथियारों को पहुंचाने में मदद की. अदालत ने कहा था कि अभियोजन ने यह साबित कर दिया है कि वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था
All rights reserved © 2013-2026 samacharnow.com
Developed by Mania Group Of Technology.