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By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Sat ,18 Mar 2017 07:03:53 pm |
समाचार नाऊ ब्यूरो - आज के युग में देश का समाज शास्त्र आध्यात्म शास्त्र और मर्यादा ग्रन्थ है।भारत का संविधान ।असंवैधानिक तरीके से विरासत को सुरक्षित नही रखा जा सकता है और न ही समाज विकसित हो सकता है।जहाँ रूल ऑफ़ लॉ होगा वही समाज विकसित होगा।बिरासत की सुरक्षा संग्रक्षा के लिए कानूनका राज इमन्दरीऔर उत्कृष्ट शिक्षा का होना जरुरी है।उक्त बातें बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कही ।श्री कोविंद स्थानीय एसकेजे लॉ कॉलेज के सभागार में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और कुर्वाणियो की विरासत विषयक आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।पूर्व केंद्रीय मंत्री एलपी शाही की अधियाक्षता में आयोजित सेमिनार में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संविधान के सारांश की जानकारी हर एक नागरिक को हो।
इसके लिए संविधान के सारांश को पाठ्क्रम में शामिल किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि देश और समाज को चलाने के लिए यह जरुरी है कि हर नागरिक को कानून की जानकारी हो।उन्होंने कहा कि विकसित बिहार की कल्पना तब ही साकार हो सकती है।जब हम कानून का राज्य चलाएंगे।उन्होंने कहा कि मूल्यों का तेजी से ह्रास हुआ है।इसे सुधारने और जागृत रहने की जरुरत है।इससे पूर्व बीआरए बिहार विस्वविद्यालय के कुलपति डॉ अमरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और सहीदो की कुर्वाणियो के विरासत में मूल्यांकन किया जाए तब ही बर्तमान के युवा पीढ़ी को अहसास हो सकेगा की राष्ट्र और राष्ट्र धर्म क्या है।कार्यक्रम के सञ्चालन एसकेजे लॉ कॉलेज की सचिव डॉ उज्वला मिश्रा ने किया
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