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By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Sat ,25 Feb 2017 08:02:01 pm |
समाचार नाऊ ब्यूरो लखनऊ: पूर्वी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 51 सीटों पर राज्य विधानसभा के पांचवें चरण का चुनाव प्रचार आज शाम थम गया। पांचवें चरण में 27 फरवरी को वोट डाले जायेंगे। इस चरण में समाजवादी पार्टी(सपा)-कांग्रेस गठबंधन का लिटमस टेस्ट होगा जहां पर दोनों पार्टियों का 80 प्रतिशत सीटों पर कब्जा है। इस चरण में जिन प्रमुख जिलों में मतदान होना है उसमें कांग्रेस का गढ़ अमेठी, सुलतानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर और बहराइच शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस चरण में बस्ती, बहराइच और गोंडा समेत तीन जनसभाओं को संबोधित किया। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोडी। इस चरण में अंबेडकरनगर जिले के आलापुर (सु0) सीट से बसपा प्रत्याशी की मृत्यु हो जाने से चुनाव निरस्त कर दिया गया है। अब वहां पर आगामी नौ मार्च को मतदान होगा।
सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अमेठी और गौरीगंज विधानसभा सीटों पर आमने-सामने होने से दोनो पार्टियां दुविधा में हैं। कांग्रेस ने 11 जिलों में से सात जिलों में कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है जिसमें फैजाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती और बहराइच जिले शामिल हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष मायावती, भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह, सपा अध्यक्ष एवं प्रदेेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा कई केन्द्रीय मंत्रियों ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में कई जनसभाओं को संबोधित किया। इस चरण के चुनाव में सभी की निगाहें अमेठी विधानसभा सीट पर लगी हैं जहां पर त्रिकोणीय मुकाबला है। इस सीट से कांग्रेस नेता संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह भाजपा से और दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं जबकि सपा सरकार के विवादित मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने इसे त्रिकोणीय बना दिया है।
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