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By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Tue ,14 Feb 2017 08:02:47 pm | Updated Date: Tue ,14 Feb 2017 08:02:31 pm
समाचार नाऊ ब्यूरो - आज रोहतास में सीएम नीतीश कुमार ने नौहट्टा के मटियाव में इंद्रपूरी जलाशय परियोजना तथा चेनारी में दर्गावति जलाशय परियोजना का निरीक्षण व समिक्षा किया तथा इस दौरान सिंचाई की संभावनाओ का निरिक्षण किया। मटियाव में प्रस्तावित कदवन के पास सोन नदी पर जलाशय बनाने की संभावनाये तलासे गये वही चेनारी में दुर्गावति जलाशय परियोजना का निरिक्षण किया । बाद में विभागिये अधिकारियो के साथ बैठक भी की। सी.एम ने दुर्गावति जलाशय के बितरणी निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिये। सी.एम के साथ जल संसाधन मंत्री ललन सिंह, उधोग मंत्री जय कुमार सिंह तथा उर्जा मंत्री विजेन्द्र यादव के अलावे कई विभागो के प्रधान सचिव भी मौजूद हुए।
चालीस वर्षो से यह मामला लटकी हैi
बताते चले कि राजीव गाँधी के प्रधान मंत्रित्वकाल में इस योजना को स्वीकृति मिली थी | 1989 में यहाँ के सांसद राम अवधेश सिंह ने इसके लिए लम्बा संघर्ष किया | जदयू के प्रदेश अध्यक्ष् वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी इसके निर्माण की मांग को ले आरा से इन्द्रपुरी तक मांग को ले पदयात्रा किया था | 1990 के 12 जनवरी को उस समय के मुख्यमंत्री जगरनाथ मिश्र ने पलामू जिले के कदवन गाँव में इस योजना का शिलान्यास भी कर दिया था | हालाकि पहले इसके शिलान्यास की तैयारी इस अनुमंडल के नौहट्टा के मठियाव गाँव में किया गया था | वहा हेलीपैड भी बनाया गया था | इसके प्रारंभिक कार्य हेतु केंद्र सरकार से 30 करोड रूपये भी मिले थे i जलाशय के दोनो ओर यानि पलामू व इन्द्रपुरी में उस समय इसके कार्यालय भी खुले थे | अब वह कार्यालय भी कब का बंद हो चुके है |
नाम बदले पर कार्य प्रगति चीटीं चाल रही है i
वर्ष 2000 में बिहार राज्य के पुनर्गठन के बाद कदवन जलाशय का नाम बदलकर इन्द्रपुरी जलाशय कर दिया गया | लेकिन काम धीमी हो गई | इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बांध की उचाई 173 फिट करने पर आपति जताई | कहा की इस बांध की इतनी उचाई होने से डूब क्षेत्र बढेगा | दो दर्जन से अधिक गाँव डूब जायेगे | ओबरा थर्मल पॉवर का उत्पादन प्रभावित होगा | राजद के शासन कल में बिभाग ने इस परियोजना का नोडल एजेंसी बिहार जल परियोजना को बनाया | बिभाग का टेंडर भी जिंदल पावर व अन्य से चर्चा भी हुए |लेकिन उत्तरप्रदेश की आपतियो के अनुसार कंटूर सर्वे नहीं होने के कारण मामला ठंढे बस्ते में पड़ गया | बिभाग ने सर्वे आफ इंडिया को कंटूर सर्वे हेतु 2007-08 में 40 लाख 75 हजार 705 रूपये का भुगतान भी कर दिया गया था | 2010 में सर्वे आफ इंडिया पूर्वी , लखनऊ के टीम ने सर्वे प्रारंभ किया | बिभागीय लापरवाही के कारण सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने में काफी बिलम्ब हुआ |
केंद्र सरकार की पहल पर राज्य सरकार जगी i
केंद्र में एनडीए की सरकार बनाने के बाद केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ,सांसद लाल मुनि चौबे ,छेदी पासवान व आर.के सिंह ने संसद व पीएम के समक्ष इस मुद्दे को उठाया उसके बाद राज्य सरकार भी सक्रिय हुई |
राज्य सरकार ने पहल प्रारंभ किया
जल संसाधन बिभाग के संयुक्त सचिव ने हाल ही मे मुख्य अभियता को पत्र लिख गत 06 फरवरी को दिल्ली में केंद्रीय जल आयोग की बैठक में लिए गए की जानकारी के साथ निर्देश भी दिया है | बताया गया है उक्त बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार इंद्रपूरी जलाशय के फुल रिजरवायर लेवल (ऍफ़ लेवल (एम् डब्लू एल ) 171 मीटर रखने पर सहमती प्राप्त दी है |
बहरहाल नितीश कुमार के आगमन व निरीक्षण से इस छेत्र के किसानो के दिन बहुरने की सम्भावना है i इस बाँध के निर्माण से करीब नौ जिलो मे हरियाली ही हरियाली नजर आयेगी i
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