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By समाचार नाऊ ब्यूरो | Publish Date: Sun ,12 Feb 2017 08:02:26 pm |
समाचार नाऊ ब्यूरो - पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने नोटबंदी को ‘2016 का सबसे बड़ा घोटाला’ करार देते हुए कहा है कि इसके कारण 2016-17 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6-6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि सीएसआे व आर.बी.आई. के पूर्वानुमानों से कहीं कम है। केंद्रीय साख्यिकी संगठन (सीएसआे) ने 2016-17 में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत व रिजर्व बैंक ने 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
चिदंबरम ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘मुझे यह अनुमान लगाते हुए खेद है कि 2016-17 में वृद्धि दर 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहेगी जो कि पूर्व के अनुमान से ठीक एक प्रतिशत कम है। इसका मतलब है जी.डी.पी. पर 1.5 लाख करोड़ रुपए की चोट। इस साल जी.डी.पी. 150 लाख करोड़ रुपए है इसमें एक प्रतिशत चोट का मतलब है 1.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान।’ चिंदबरम 21 फरवरी को होने वाले बृहनमुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार अभियान के तहत यहां आए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ‘किसी के दिमाग में विचार आया और उसने टैलीविजन पर नोटबंदी की घोषणा कर दी जिससे (जी.डी.पी. को) 1.5 लाख करोड़ रुपए की चोट लगी।’ नोटबंदी की बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देर सवेर सरकार को नोटबंदी की ‘नादानी’ का भान होगा। चिदंबरम ने नोटबंदी को ‘2016 का सबसे बड़ा घोटाला’ करार दिया जिसे सरकार स्वीकार नहीं कर रही।
चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी के बाद पुनर्मुद्रीकरण जून तक पूरा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आप पहले नोटबंदी करते हैं और फिर कहते हैं कि हम नए नोट जारी कर रहे हैं, क्या मजाक है?’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने एक झटके में 15.44 लाख करोड़ रुपए की करेंसी को चलन से हटा दिया और अब सरकार वापस इतनी ही करेंसी छाप रही है। उन्होंने नोटबंदी को 2016 का सबसे बड़ा घोटाला बताया।
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